Saturday, August 27, 2016

आओ देखें तीसरे महायुद्ध को !

New law to occupy the new land Towards Syria, Judea and Palestine: The great barbarian empire to decay, Before the Moon completes it cycle.
Century III- 97
              जी हाँ नास्त्रेदमस की इससे ज्यादा स्पष्ट भविष्यवाणियाँ आपने नही पढे होंगे । सेंचुरी 3 के 97वें दोहे मे जो लिखा है वो वर्तमान स्थिति का सटिक चित्रण है और जो फिलस्तिन संबंधी भविष्यवाणी है वह भी जल्द पूरी हो जाएगी ।  इसमें साफ लिखा है कि सीरिया, जूडिया और फिलस्तीन के आसपास के क्षेत्र को एक बर्बर साम्राज्य नया राष्ट्र बना कर  चलाएगा । आगे बताने की जरूरत नही है कि वहां ISIS का सरदार अल बगदादी किस तरह से अपनी शासन चला रहा है । साथ ही यहाँ ध्यान दें कि जूडिया ईरानियों , यूनानियों तथा रोमन शासन काल मे फिलस्तीन के दक्षिणी भाग का नाम था । अब इसी भविष्यवाणी के दोहा नंबर 96 को देखते हैं यानि एक कदम पीछे हटाते है तो यहाँ आश्चर्यजनक तरीके से एक तिथि दिख रही है - वो है 13 फरवरी और घटना होनी है इटली मे - दोहा है 
The Chief of Fossano will have his throat cut By the leader of the bloodhound and greyhound: The deed executed by those of the Tarpeian Rock, Saturn in Leo February 13 
अर्थात 13 फरवरी को इटली के एक बडे नेता को खोजी कुत्तों की मदद से तलाश कर और फिर उसका  गला काटकर हत्या कर दी जाएगी और वह 13 फरवरी 2017 भी हो सकता है या आने वाला कोई और साल लेकिन इसमे कोई दो मत नही है कि गला काटकर नृशंस तरिके से हत्या करने वाला आतंकीयों का संगठन है जो भविष्य मे इटली पर भी कब्जा जमा सकता है । नास्त्रेदमस नें  फ्रांस पर हमला करके कब्जा करने के बाद इटली पर हमले की बात कहे है और फ्रांस की न्यायपालिका ने वहां पर मुस्लिम नियमों को समर्थन देने और उन्हे संरक्षण देने वाले कई नियम बना दिये है जिससे फ्रांस के पतन मे कोई ज्यादा समय नही है ।   अब जबकि पहले ही यह बात हो चूकी है कि  फ्रांस
 पर हमले के बाद इटली का नंबर आने वाला है तो ख्याल आया कि बीच के देश का क्या होगा ? जी हाँ दुनिया के सबसे छोटे देश मोनाको  के बारे मे स्पष्ट भविष्यवाणी के लिये देखिये नास्त्रेदमस की सेंचुरी 4 का 23वाँ दोहा जहाँ लिखा गया है 
The legion in the marine fleet Will burn lime, loadstone sulfur and pitch: The long rest in the secure place: 'Port Selyn' and Monaco, fire will consume them.
अर्थात नौसैनिक शक्ति जलाएगी चूना, मैग्निशियम, गंधक और कोयला, खुद रहेगा इत्मीनान से लंबे समय तक , मोनाको का सेललिन बंदरगाह आग मे भस्म हो जाएगा । तो क्या यह नही समझा जा सकता की इटली और फ्रांस के बीच मे बसे इसी देश पर आतंकी पहला करते हुए उन दोनो देशों पर कब्जा जमाने की सोच रखते हो ? इसी के अगले दोहे 24 मे उन्होने पवित्र मैदान के नीचे औरत की कमजोर आवाज सुनने की बात कहे हैं और वहां पर दैविय शक्ति को देखकर इनसानी ज्वाला जल उठेगी और वह उन सभी को उनके ही खून से पवित्र मैदान को रंग देंगे और मंदिरो को दुष्ट लोग तबाह कर देंगे । तो क्या वह महिला मोनाको की राजकुमारी हो सकती है ? अब अगर हहम उसे छोडकर सीधे 27वें नंबर के दोहे पर छलांग लगाते हैं तो आपके लिये तीसरे महायुद्ध से संबंधित कोई जानकारी मिल सकती है । देखें - Salon, Tarascon, 'Mausol', the arch of 'SEX.', Where the pyramid is still standing: They will come to deliver the Prince of 'Annemark,' Redemption reviled in the temple of Artemis. 
अब इसमे देखिये यहां पर मोसूल यानि की इराक वाले क्षेत्र के उल्लेख के साथ साथ अचानक अर्टमिस के मंदिर का उल्लेख है जो तुर्की मे है और प्राचीन विश्व के सात आर्श्चर्यों मे से एक है उससे संबंधित है । यहां पर सेक्स की परिभाषा देखें तो यहह समझ लिजिये कि ये आतंकीयों के लिये मौज मस्ती की भोग वस्तु है लेकिन यहां पर अनेमार्क जो लिखा दिख रहा है वह दरअसल डेनमार्क के राजकुमार से संबंधित है । पिरामिड यानि मिश्र मोसूल इनके यहाँ पर उल्लेख होने का अर्थ ये है कि अब तीसरे महायुद्ध की विधिवत घोषणा होने मे अब देर नही है । मोसूल पर शिघ्र ही अंतिम हमला होने वाला है किंतु जैसा की नास्त्रेदमस की भविष्यवाणियो से स्पष्ट है कि जिस समय लगेगा कि आतंकी हार रहे है उसी समय उनकी तादात अचानक सौ से हजार और हजार से दस लाख हो जाएगी । 
बस अब ज्यादा इंतजार नही करना होगा आपको तीसरे महायुद्ध की विधिवत घोषणा होने का । तब तक आप खुश रहिये , मस्त रहिये क्या पता अगले ही क्षण एक भूकंप मे आपका सब कुछ नष्ट हो जाए या फिर तेज बाढ  मे आप बहते मिलें और इनसे बचे तो पहाडों के खतरे से कैसे बचोगे । अब आप अपने को खुशकिस्मत समझिये कि आप ऐसी जगह पर है जहाँ बाढ भूकंप ज्वालामुखी पहाडो का खतरा नही है ...... बस स्वाइन फ्लू प्लेग या जीका वायरस की तरह के किसी बीमारी से आपको जूझना ना पडे । 
।।।।। है न ।।।।
 लेकिन डरिये मत 
क्योकि आत्मा अजर अमर है । 





Tuesday, August 23, 2016

शांति नही महायुद्ध का आगाज है ।

मोदी तय करेंगे, विश्व में भारत की भूमिका  

यदि आपकी सोच कहती है कि मोदी जी युद्ध की तैय्यारी कर रहे हैं तो,  आपकी सोच सही है किंतु एक अंतर के साथ । वह अंतर ये है कि मोदी जी भारत को युद्ध में झोंकने के लिये तैय्यारी नही कर रहे हैं बल्कि विश्व की परिस्थिति को देखते हुए देश की सुरक्षा को चाक चौबंद कर रहे हैं । दुनिया के जिस देश मे भी मोदी जी गए हैं,  वह देश आज उनका प्रशंसक हो चूका है और हर देश चाहता है कि उसे नेता मिले तो मोदी जी जैसा ही मिले ।   यह कोई मजाक बात नही है कि अमेरिकी संसद भी यही कहती है कि दुनिया को मोदी जी के नेतृत्व मे कार्य करना चाहिये । तो क्या यह बदलाव कोई अचानक हुआ है ? नही ! 
जब नास्त्रेदमस नें भारत को विश्व नेता बनना तो बता दिये है तो इसका मतलब ये नही है कि भारत एकाएक विश्वनेता बन जाएगा । नरेन्द्र मोदी को हम नास्त्रेदमस का वह शायरन मानते हैं जिसकी अगुवाई में  दुनिया तीसरा महायुद्ध लडेगी और जीतेगी । नास्त्रेदमस अपनी भविष्यवाणियों मे कभी भी सीधा संबोधन नही दिये हैं इसलिये नरेन को ही शायरन समझ कर तब तक चलेंगे जब तक कोई दुसरा शायरन नही दिखलाई पडता । 
युद्ध के शुरूआती संकेत 
The Religion of the name of the seas will win out Against the sect of the son of Adaluncatif, The obstinate lamented sect will be afraid The two wounded by Aleph & Aleph. (सेंचुरी 10- 96)
इसका अर्थ यह होता है कि एक धर्म जिसका नाम समुद्र पर आधारित होगा ( हिंदु धर्म हिंद महासागर ) दुसरे धर्मों को जीत कर तेजी से आगे बढेगा । साथ ही "A" " A" नाम वाले को भयभीत करेगा । वर्तमान मे जो परिस्थिति चल रही है वह दुनिया को भारत की ओर देखने के लिये मजबूर कर रही है कि किस तरह से भ्रष्टाचार के लिये कुख्यात देश अचानक से महज 2 सालों मे इतना मजबूत हो गया कि अमेरिकी जैसे देश उसके प्रशंसक बन गए हैं । मोदी जी कहीं भी कोई कसर बाकि नही छोड रहे हैं एक ओर जहाँ वो विश्व के हर नेता से लगातार संपर्क मे रहते हैं , वहीं दुसरी ओर पाकिस्तान और चीन जैसे परंपरागत दुश्मनों को करारा जवाब भी देते जा रहे हैं । चीन अभी तक जिस तरह दोस्ती करते हुए भारत की पीठ में छुरा भोंकता चला आ रहा था उसके विरूद्ध मोदी जी ने सीमा पर अपनी सेना को पूरे अधिकार और हिम्मत देकर चीन के पसीने तो छुडवाए ही पाकिस्तान को भी जो करारा जवाब मिलते जा रहा है उससे वह दिन अब दूर नही लग रहे जब बौखलाया पाकिस्तान खुद भारत पर सीधा हमला कर देगा । चीन अब भारत की मजबूती देखकर फिलहाल अपने दुसरे सीमा विवादों की ओर देखना ज्यादा पसंद करेगा क्योकि उसे पता है कि अब भारत उसको तबाह करने मे समर्थ है और अब 1965 वाला ना तो भारत है और ना ही नेहरू । वैसे भी प्रारंभिक लक्षणों के अनुसार दुनिया इस समय भीषण बाढ, तूफान और भूकंप की तबाही झेल रही है । और जब वह इनसे उबरने की कोशिश करेगी तभी आततायियों का हमला होगा और कमजोर देशों को कब्जे मे करते चले जाएंगे आततायी ।
फिलहाल अगस्त की शांति आने वाले किसी बडे तूफान का संकेत है जो केवल एक भविष्यदृष्टा ही देख सकता है और जान सकता है । हम भारतवासी मोदी राज मे बचे रहेंगे यही हमारे लिये बडी बात होगी किंतु उन्हे जो समर्थन चाहिये वह समर्थन देने के लिये भी हमें तैय्यार रहना होगा ।

Tuesday, August 16, 2016

जवान सीमा पर क्यो जाएं ? मरनें !

काश्मीर मे जो आज चल रहा है उसके जिम्मेदार वो भ्रष्ट नेता हैं, जिन्होने इस समस्या को हमेशा अपने राजनैतिक इस्तेमाल के लिये सुरक्षित बना रखा था । जवाहर लाल से लेकर मनमोहन  जैसे गैर भाजपा प्रधानमंत्रीयों ने कभी भी इस समस्या को गंभीरता से न लेकर हमेशा लचर और कचर रवैया अपनाये रखे । इस देश मे तो ऐसे  लोग भी खुलेआम सेना विरोधी भाषण बाजी करते आ रहे है जिन्हे एक समय देश मे प्रतिष्ठित और मर्यादित पद मिल चूके हैं । जब हमारे देश के प्रधानमंत्री लाल किले से दहाड कर कहते हैं कि हम पीओके के साथ साथ  बलुचिस्तान और बाल्टिस्तान की आजादी के लिये वहां की जनता के साथ है तो उस समय कंपकपी तो पाकिस्तान की छुटती है,  लेकिन हमारे प्रधानमंत्री के विरोध के स्वर  हमारे ही देश के लालू प्रसाद और सलमान खुर्शिद  जैसे नेताओं के मुंह से निकलते हैं । जब काश्मीर मे पत्थरबाजी और पेट्रोल बमों के बदले सेना पेलेट गन चलाती है तो पाकिस्तान के  विरोध के स्वर को  कांग्रेसी उपाध्यक्ष राहुल गाँधी  और आजम खान अपनी आवाज से समर्थन देते हैं ।  कांग्रेस अभी तक जिस तरह से काश्मीर में लग रहे भारत विरोधी नारों को अप्रत्यक्ष समर्थन देती चली आ रही थी उसी का नतीजा आज देश के सामने है कि केवल नारे लगाने वाले आज पत्थर  और पेट्रोल बमो के साथ सडक पर उतर चुके हैं ।  वर्तमान मे ऐसे गद्दारों की बदकिस्मती कहिये या देश की खुशनसीबी की देश का मुखिया एक राष्ट्रभक्त है जिसने देश को बचाने का संकल्प ले रखा है । आजाद इतिहास मे पहली बार सेना को इतनी आजादी  दी गई कि  वे अपना वह कर्म कर सकें जिसके लिये उसका निर्माण किया गया  है । सेना को डंडा पकडाने वाली कांग्रेस आज भी सेना को पूरी आजादी देने की पक्षधर नही है क्योकि तब उनके कानोंं मे काश्मीर के आजादी के नारे सुनने को नही मिलेंगेे । यहां  पर मैं कांग्रेेस इसलिये साफ साफ लिखूंगा क्योकि अभी तक जो भी हो रहा है उसके  लिये वही जिम्मेदार है और सबसे ज्यादा विरोध भी वही कर रही है .. औऱ हां इनके मणिशंकर  अय्यर जैसे तो पाकिस्तान जाकर मोदी को सत्ता से हटाने के लिये समर्थन भी मांगने  जाते हैं ।  यदि भारतीय सेना की कमान मॉनेक शॉ के हाथों मे नही होती तो शायद हम 1971 मेे भी पाकिस्तान के हाथों पराजय झेल चूके होते । इतिहास चाहे जो कहे मुझे नही लगता कि इंदिरा ने कभी पाकिस्तान को जीतने का प्रयास की हो  । जब भारतीय नौसेना नें केवल दो दिनों के भीतर करांची के बंदरगाहों को तबाह कर दी और पाकिस्तानी युद्धपोत गाजी को विशाखापट्टनम् के पास समुंदर मे डुबो दी , तब कहीं भारत की जीत सुनिश्चित हो सकी ।  लेकिन जीत का सेहरा बाँधा गया इंदिरा के सिर पे जिसने इमरजेंसी और राजघरानों से लुटपाट जैसे ना जाने कितने कर्मकाण्ड किये हैं ।  सेना के साथ खिलवाड यहीं नही रूका  बोफोर्स गाँधी हों या फिर कोल सिंह सभी ने देश की सुरक्षा से खिलवाड के अलावा कोई काम नही किये । सेना को जरूरत होती थी 10 की तो ये खर्च करते थे 15 लेकिन सेना को केवल 5 पकडा के दस खुद खा जाते थे । 
लेकिन अब हालात बदल गए हैं । देश बदल रहा है और सेना भी बदल रही है । अब हमारे जवान सीमा पर मरने नही मारने केे लिये जा रहे हैं, जिसके लिये उन्हे बनाया गया है . अब सैनिको की शहादत पर हमें फक्र होता है बेबसी महसूस नही होती । कांग्रेसी परस्त न्याय पालिका के पेलेट गन पर पाबंदी लगाने जैसे आदेशों पर सेना का स्पष्ट संदेश की हम मारना बंद नही करेंगे पेलेट या बुलेट यह चुनना हमारा अधिकार है,  सेना के प्रति और भी गर्व प्रधान करता है और न्यायपालिका के आदेशों की धज्जियां उडती देख   देश गर्व करता है कि हाँ हमारी सेना सही है और न्याय पालिका गलत । 
                 कल ही चीफ जस्टिस का बयान पढने को मिला जिसमे वह सरकार से कह रहे हैं कि देश जजों की कमी से जूझ रहा है  और सरकार चीफ जस्टिस के भेजे कोलिजियम पर कोई जवाब नही दे रही है । साथ ही वो ये भी कहते हैंं कि सरकार को यदि किसी नाम पर आपत्ति हो तो वह कोलिजियम वापिस भेजे हम नाम बदल देंगे ... इसी बयान से साफ झलक रहा है कि न्याय पालिका मे कहीं ना कहीं कोई ऐसी गडबडी है जो मोदी जी की पकड मे आ चूकी है लेकिन वो  चाहते हैं कि गुनहगार खुद ही रूंदन विलाप करते हुए सामने आए और वही हो रहा है । यदि सरकार कोलिजियम को संशोधित करवा   देती तो ये चीफ जस्टिस महोदय इतना विलाप क्यों करते ?   अभी तो जनता को न्याय पालिका से भी जवाब नही मिला है कि याकूब मेनन जैसे देशद्रोही के लिये रात को तीन बजे अपनी कोर्ट खोलने वाले जज दिन मे चल रहे हेराल्ड केस पर तारिखों पर तारिखें  क्यों बढा रहे हैं .. भ्रष्टाचार के मामलों पर लंबी लंबी तारिखें लेकिन पेलेट गन पर दुसरे दिन ही आदेश कैसे ? गरीबों को सजा देने मे चौदह महिनें  लेकिन सलमान खान जैसों को 14 साल में भी सही सजा ना देने वाली न्याय पालिका मे कुछ नही भारी गडबड है, जिसे मोदी जी द्वारा सही समय पर सामने लाई जाएगी तब शायद पता चल सकेगा कि मनु सिंघवी जैसों के कितने चेले वहां पर बैठे हैं ।
                                         चाहे अब बात कहीं भी जाए , यह तय है कि देश के जवान अब शहीद होने से पहले कई देशद्रोहियों को मारेंगे यही बात देश के हित मे बडी बात होगी क्योकि,  जब भारतीय सेना के सामने मरने मारने की बात आती है तो दुनिया जानती है कि भारतीय सेना के पास योगेन्द्र सिंह यादव जैसे अनगिनत जीवट योद्धा आज भी हैं जो सीने पर 6 -6 गोलीयां खाने के बाद भी दुश्मन की पूरी बटालियन को नेस्तनाबूत करने के बाद, इलाज करवा कर फिर से सेना को अपनी सेवा देने के लिये उपलब्ध हो जाते हैं । 

                           जय हिंद , वंदे मातरम्