Wednesday, September 28, 2011

सावधान- तीसरा महायुद्ध शुरू ।

                                                        इस लेख को पढने के पहले एक बात को  ध्यान में अच्छे से बैठा लिजिये की जब कभी भी युद्ध की शुरूआत होती है तो उस युद्ध को जनता केवल मूक दर्शक की भांति देखते ही रहती है क्योंकि युद्ध तो देश के सैनिक लडते हैं । आप किसी भी व्यक्ति से पुछ लिजिये भले ही वह भारत पाक का युद्ध हो या फिर दुसरा विश्वयुद्ध ... युद्ध की गंभीरता का पता तब तक नही लगता जब तक जनता खुद उस युद्ध के भंवर में नही फंस जाती है । अभी हम सब उस युद्ध के भंवर में फंसे नही है लेकिन याद रखें की हम सब जिस दुनिया रूपी नदी के बहाव में बह रहे हैं उस नदी के आगे एक बडी भंवर बन चुकी है और हमें उसमें फंसना ही फंसना है ।
                                     ।। मुझे नही मालूम की लोग नास्त्रेदमस के बारे में क्या नजरीया रखते हैं । जैसा की मैं पहले भी कई बार कह चूका हूं की दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध के नजदीक पहुंच गई है, लेकिन अब बताना चाहूंगा की तीसरे विश्वयुद्ध के शुरूआती दौर में हम पहुंच चुके हैं । मैं कोई भय का वातावरण नही बना रहा हूँ बल्कि चेतावनी दे रहा हूँ की अपने अपने कर्मों को सुधारना चालू कर दो क्योंकि अब दुनिया तबाही के लिये तैय्यार हो चूकी है । मैं इस बार नास्त्रेदमस की भविष्यवाणीयों को सिरे से जमाते हुए बताना शुरू करता हूँ और जहां गलत हूँ जरूर बताइयेगा -------
                                  तीन ओर  जल से घिरे देश में  एक नेता होगा जो जंगली नाम वाला होगा (इसकी व्याख्या इस प्रकार की गई है की भविष्य में कोई सिख(सिंह ) भारत मे प्रधानमंत्री पद पर बैठेगा ) वर्तमान में मनमोहन सिंह इसी पद पर हैं , एक देश मे जन क्रांति से नया नेता सत्ता संभालेगा ( मिश्र में हो चुका है )  नया पोप दुसरे देश में बैठेगा (वर्तमान के पोप फ्रांस में रहते हैं ) चीन चर्च के खिलाफ युद्ध छेडेगा ( चीन नें अमेरिका को पाकीस्तान से दूर रहने की सलाह दे डाली है ) इसके अलावा और भी कई चीजें ऐसी होने वाली है जो कुछ ही दिनों में पूरी हो सकती है । जैसे – छुपा बैठा शैतान अचानक बाहर निकल आएगा ( गद्दाफी ) नया धर्म (इस्लाम) चर्च के खिलाफ भारी मारकाट करते हुए इटली और फ्रांस तक जा पहुंचेगा । 
                                            चलो ये हुई नई नई बातें कुछ पुरानी बातों पर नजरें डालें- -
1.  नास्त्रेदमस के भविष्यवामी पुस्तक में पहली सेंचुरी के 76वें भाग की पहेली देखिये
The man will be called by a barbaric name


that three sisters will receive from destiny.

He will speak then to a great people in words and deeds,

more than any other man will have fame and renown.
             क्या यह बात तीन सगी बहनों के पिता मनमोहन सिंह (सिंह- बर्बर या जंगली नाम वाला ) पर लागू नही होती है जिनके किये गये अच्छे कामों का श्रेय राहुल/ सोनिया गांधी (other man ) को मिलता है ।

2.चतुर्थ सेंचुरी के 74वें भाग पर ध्यान करें --
 The great Pilot will be commissioned by the King,


To leave the fleet to fill a higher post:

Seven years after he will be in rebellion,

Venice will come to fear the Barbarian army.
              एक महान पायलट (राजीव गांधी) अपनी नौकरी छोडकर राजा बन जाता है , सात साल के बाद विद्रोह होगा (लिट्टे (जंगली सेना)  को प्रश्रय राजीव गांधी नें ही दिया था और उनकी मौत लिट्टे का विद्रोह मानी जाती है । वेनिस (सोनिया गांधी) उस जंगली सेना से डर जाएगा । राजीव की मौत के बाद इस डर को हर भारतीय नें देखा की किस तरह से सोनिया इटली में बच्चों के साथ रहने की योजना बना चुकी थी ।



                                            भारत के बारे में नास्त्रेदमस की कई भविष्यवाणीयां पूरी हो चुकी है और कुछ पूरी होने को है . पुरानी के बारे में ये दो उदाहरण पर्याफ्त हैं अब मैं आपको ये बतलाना चाहता हूँ की दुनिया किस तरह से तीसरे विश्वयुद्ध के शुरूआती दौर में है और हम भी उसमें फंसने वाले हैं । - -
A Duke eager to follow his enemy


Will enter within impeding the phalanx:

Hurried on foot they will come to pursue so closely

That the day will see a conflict near Ganges.
                                                                                अंतिम जंग होगी गंगा के किनारे ..... यानि की सेनापति पैदल सेना  पीछा करते हुए गंगा नदी के तट तक पहुंच जाएगा और वहां पर होगी अंतिम लडाई ..........
                                         जिस तरह से चीन हम पर बार बार आक्रमण कर रहा है उससे ये नही लगता की कोई चीनी सेनापति हमारे देश को जीतते हुए गंगा के तट तक पहुंच जाएगा ।
सेंचुरी-1 का 50 भाग ----
From the three water signs will be born a man


who will celebrate Thursday as his holiday.

His renown, praise, rule and power will grow

on land and sea, bringing trouble to the East.
                             दुनिया में भारत के अलावा कोई देश नही है जो तीन ओर से पानी (सागरों) से घिरा हुआ हो और उस देश में गुरूवार की महत्ता हो । केवल भारत देश में ही गुरूवार के दिन केवल अराधना की जाती है और कई जगहों पर तो गुरूवार के दिन तेल, साबुन तक लगाना निषिद्ध है । अब इंतजार करो उस महान हिंदुत्ववादी व्यक्ति का जो हमारे देश में गुरूवार को अवकाश रखवाएगा ।
सेंचुरी 1का भाग 61
The wretched, unfortunate republic


will again be ruined by a new authority.

The great amount of ill will accumulated in exile

will make the Swiss break their important agreement
                                 अब देखना ये है की स्वीस बैंक अपने नियम को पूरी तरह से तोडते हुए कब महान गणतंत्र देश के भ्रष्ट पैसों को उजागर करता है ।
                                             इसी तरह की कई भविष्यवाणी नास्त्रेदमस के द्वारा की गई हैं । इनमें से कुछ भविष्यवाणी अस्पष्ट तो कुछ एकदम स्पष्ट हैं । जैसे की मंगोल (चीन) अरब मिलकर चर्च के खिलाफ हमला करेंगे , फ्रांस और इटली में संघर्ष शुरू हो जाएगा दो महाशक्तियां आपस में मित्र बन जाएंगी , पुराने दोस्त दुश्मन बन जाएंगे .....
                                                वर्तमान परिदृष्य को मिलाकर देखते हैं की क्या कहानी बनती है ।
 जैसा की यह तय है की गद्दाफी और बर्लुस्कोनी जब खुलकर सामने आएंगे तो तीसरे महायुद्ध की विधीवत घोषणा हो सकती है, लेकिन तब तक क्या क्या होगा वो देखते हैं ।
पुराने दोस्त दुश्मन बन जाएंगे ---- अमेरिका-पाकीस्तान के बीच दुशमनी की कहानी शुरू हो गई है । हालात इस तरह के बन रहे हैं की अमेरिका पाकीस्तान पर कभी भी हमला कर सकता है ।
चीन-अरब गठबंधन कैसे -  अमेरिका-फ्रांस जिस तरह से लगातार एशियाई देशों पर हमले करते जा रहे हैं (इराक, लिबिया, अफगानिस्तान ) उस स्थिति में ज्यों ही अमेरिका कीसी और एशियाई देश पर हमला करा तो चीन तत्काल अरब देशों को अपनी सहायता पहुंचाएगा और चीन अरब देशों को समझाएगा की मामला केवल तेल का नही है बल्कि चर्च अपना प्रभाव बढाने के लिये हमले करवा रहा है । इसका परिणाम यह होगा की अरब देश संयुक्त रूप से पश्चिम के खिलाफ लामबंद हो जाएँगे । पाकिस्तान को अरब देश अपना पूरा समर्थन देते हैं ।