Saturday, August 18, 2012

झण्डा उल्टा रहे हमारा ।

 वैधानिक चेतावनी - कृपया देश भक्ति की विचार धारा वाले इसे ना पढें । उनकी विचारधारा पलटने का खतरा है , इसके लिये लेखक याने मैं यानि की डब्बू मिश्रा किसी रूप से जवाबदार नही रहूँगा ।
                   
                          हमारे क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित नेता का नाम था राम इकबाल मिश्रा अब जाहिर सी बात है उनका इंतकाल (निधन नही) हो गया है इसलिये उनके बारे में ज्यादा बातें ना करके केवल नाम और काम की बातें करेंगे । 
                             आजकल कैटरीना कैफ के संबंधों की बडी चर्चा है कभी शाहरूख तो कभी सल्लू के बीच लेटने वाली इमेज बनाकर मिडिया नें उन्हे मुसलमानों की वेश्या बना दिये हैं । यहा तक की विकी पिडिया लिखता है - कश्मीरी पिता और ब्रिटिश माँ के यहाँ जन्मी कैफ़ अपने माता-पिता की आठ संतानों में से एक है।[2] उनका पालन पोषण हवाई में हुआ, और उन्होंने 14 वर्ष की उम्र में मॉडलिंग शुरु की, जब उनसे एक आभूषण अभियान के लिए संपर्क किया गया। उसके बाद वह लंदन में मॉडलिंग करने लगी। अभी वह अभिनेता सलमान खान के साथ डेटिंग कर रही है , यानि उनकी उपलब्धी में शामिल है सलमान के साथ डेटिंग ......... अरररररर मैं तो काम की बातें पहले बताने लगा । चलो काम की बातें यहीं समाप्त करते हुए नाम की बात करते हैं ...
                 हां तो मैं कह रहा था की हमारे देश में राम इकबाल मिश्रा जैसे कई हिंदू और भी मिल जाएंगे  जो अपने  पिता के दिये नामों में किसी मुस्लिम नाम को जोड कर स्वयंसिद्ध धर्मनिरपेक्ष बन जाते हैं ठीक उसी तरह से जैसे गयासुद्दिन गाजी नें अंग्रेजों से जान बचाने के लिये अपना नाम गंगाधर कर लिया और उपनाम रखा नहरवाले नेहरू यानि जवाहर लाल नेहरू के दादा  और उस नेहरू की लडकी इंदिरा नें जब फिरोज खान से शादी कर ली तो धर्म सद्भावना व नेहरू खानदान की इज्जत बचाने के लिये मोहनदास नें देश का करम फोडते हुए उसे स्वयं-भू हिंदु धार्मिक संत की तरह मुसलमान को गांधी उपनाम दे दिये ( ये अलग बात है की मरते दम तक फिरोज ने कभी खुद को गांधी नही कहा और सभी जगह वो फिरोज खान ही  कहे गये )  ।
                          ओह मैं फिर भटक गया  ........ बात तो मैं झण्डे की कर रहा था ना ।  हां तो मैं बता रहा था की  किस तरह से हमारे देश में आसानी के साथ हिंदु धर्म से  खिलवाड किया जा सकता है । अजमल कसाब जैसे आतंकवादीयों को मोहनदास की तथाकथित संतान कांग्रेस सरकार केवल इस लिये पालना मजबूरी बताती है क्योंकी उनके किसी पूर्वज को गाजी से नेहरू बनना पडा था । अब रही बात आतंकवाद की तो देश में अब सांप्रदायिक दंगे होना इसलिये जरूरी है क्योंकी कांग्रेस को मालूम है की देश में तभी तक उनकी सरकार है जब तक देश अशांत है । देसी मुसलमानों ने कांग्रेस के साथ धोखा करके उसे यूपी चुनाव में नीचा दिखा दिये तो उसने उन मुसलमानों से बदला लेने के लिये बांग्लादेश, म्यांमार औऱ बर्मा से कट्टरपंथी मुसलमान आयात किये जो उसकी सहायता कर सके । 
                                                          अब बात हो रही है आतंकवाद की तो ढण्डा कहां से आया ... अरे भाई जब देश के लगभग हर क्षेत्र में देश आतंकवाद, जातिवाद और सांप्रदायिक दंगे झेल रहा है आम जनता मपर रही है और एक आप हो की बस .... झण्डे के पीछे पडे ुए हो...अब झण्डे में हरा ऊपर हो भगवा... झण्डा तो जवाहर का ही बनाया हुआ है ना .. वो कभी सीधा हो ही नही सकता ..क्योंकी मुसलमान उसे ऊपर करेंगे औऱ हिंदु नीचे ... इसलिये सीधा हो या उल्टा रहेगा तो तिरंगा ही ना ...देखा कितनी अच्छी सोच रखी थी हमारे प्यारे जवाहरी ओह जवाहर नें ।