Tuesday, August 23, 2016

शांति नही महायुद्ध का आगाज है ।

मोदी तय करेंगे, विश्व में भारत की भूमिका  

यदि आपकी सोच कहती है कि मोदी जी युद्ध की तैय्यारी कर रहे हैं तो,  आपकी सोच सही है किंतु एक अंतर के साथ । वह अंतर ये है कि मोदी जी भारत को युद्ध में झोंकने के लिये तैय्यारी नही कर रहे हैं बल्कि विश्व की परिस्थिति को देखते हुए देश की सुरक्षा को चाक चौबंद कर रहे हैं । दुनिया के जिस देश मे भी मोदी जी गए हैं,  वह देश आज उनका प्रशंसक हो चूका है और हर देश चाहता है कि उसे नेता मिले तो मोदी जी जैसा ही मिले ।   यह कोई मजाक बात नही है कि अमेरिकी संसद भी यही कहती है कि दुनिया को मोदी जी के नेतृत्व मे कार्य करना चाहिये । तो क्या यह बदलाव कोई अचानक हुआ है ? नही ! 
जब नास्त्रेदमस नें भारत को विश्व नेता बनना तो बता दिये है तो इसका मतलब ये नही है कि भारत एकाएक विश्वनेता बन जाएगा । नरेन्द्र मोदी को हम नास्त्रेदमस का वह शायरन मानते हैं जिसकी अगुवाई में  दुनिया तीसरा महायुद्ध लडेगी और जीतेगी । नास्त्रेदमस अपनी भविष्यवाणियों मे कभी भी सीधा संबोधन नही दिये हैं इसलिये नरेन को ही शायरन समझ कर तब तक चलेंगे जब तक कोई दुसरा शायरन नही दिखलाई पडता । 
युद्ध के शुरूआती संकेत 
The Religion of the name of the seas will win out Against the sect of the son of Adaluncatif, The obstinate lamented sect will be afraid The two wounded by Aleph & Aleph. (सेंचुरी 10- 96)
इसका अर्थ यह होता है कि एक धर्म जिसका नाम समुद्र पर आधारित होगा ( हिंदु धर्म हिंद महासागर ) दुसरे धर्मों को जीत कर तेजी से आगे बढेगा । साथ ही "A" " A" नाम वाले को भयभीत करेगा । वर्तमान मे जो परिस्थिति चल रही है वह दुनिया को भारत की ओर देखने के लिये मजबूर कर रही है कि किस तरह से भ्रष्टाचार के लिये कुख्यात देश अचानक से महज 2 सालों मे इतना मजबूत हो गया कि अमेरिकी जैसे देश उसके प्रशंसक बन गए हैं । मोदी जी कहीं भी कोई कसर बाकि नही छोड रहे हैं एक ओर जहाँ वो विश्व के हर नेता से लगातार संपर्क मे रहते हैं , वहीं दुसरी ओर पाकिस्तान और चीन जैसे परंपरागत दुश्मनों को करारा जवाब भी देते जा रहे हैं । चीन अभी तक जिस तरह दोस्ती करते हुए भारत की पीठ में छुरा भोंकता चला आ रहा था उसके विरूद्ध मोदी जी ने सीमा पर अपनी सेना को पूरे अधिकार और हिम्मत देकर चीन के पसीने तो छुडवाए ही पाकिस्तान को भी जो करारा जवाब मिलते जा रहा है उससे वह दिन अब दूर नही लग रहे जब बौखलाया पाकिस्तान खुद भारत पर सीधा हमला कर देगा । चीन अब भारत की मजबूती देखकर फिलहाल अपने दुसरे सीमा विवादों की ओर देखना ज्यादा पसंद करेगा क्योकि उसे पता है कि अब भारत उसको तबाह करने मे समर्थ है और अब 1965 वाला ना तो भारत है और ना ही नेहरू । वैसे भी प्रारंभिक लक्षणों के अनुसार दुनिया इस समय भीषण बाढ, तूफान और भूकंप की तबाही झेल रही है । और जब वह इनसे उबरने की कोशिश करेगी तभी आततायियों का हमला होगा और कमजोर देशों को कब्जे मे करते चले जाएंगे आततायी ।
फिलहाल अगस्त की शांति आने वाले किसी बडे तूफान का संकेत है जो केवल एक भविष्यदृष्टा ही देख सकता है और जान सकता है । हम भारतवासी मोदी राज मे बचे रहेंगे यही हमारे लिये बडी बात होगी किंतु उन्हे जो समर्थन चाहिये वह समर्थन देने के लिये भी हमें तैय्यार रहना होगा ।