Wednesday, June 16, 2010

भिलाई के साथी

अरेरेरेरेरेरेरेरेरेरे रूको भाई ... ये तस्वीर श्रद्धांजली के लिये नही लगाया हूँ , बल्कि इस व्यक्ति के बारे में कुछ बताने आया हूँ । ये शख्स हैं श्रीमान अख्तर चौहान जी उम्र 32 साल (बस अब आगे की डिटेल नही दूंगा वर्ना इनके घरवाले मेरा सर फोड देंगे ये सोच कर कि मैं इसका रिश्ता जमा रहा हूँ) ये हैं ओल्ड सरकुलर मार्केट व्यापारी संघ के महासचिव, यानि मेरे जोडीदार । इन्हे एक चीज से बेहद नफरत है वो है धर्म पर चर्चा करना या विवाद पैदा करना । इनकी विशेषता ये है कि ये हैं कट्टर कांग्रेसी इतने कट्टर की कांग्रेस के खिलाफ बोलने वाले को कट्टा मार दे....... (चूने की बोरी भी कट्टा कहलाती है भाई)  तो ये मार्केट साथ देने के लिये भाजपानीत निगम में क्यों जाते हैं । जरा उनके प्रवचन पर गौर फरमाएं ..... " ऐसी की तैसी तुम्हारी पार्टी की और तुम्हारे अधिकारीयों की हम लोग व्यापारी हैं इसलिये तुम्हारे पास मदद के लिये आए हैं वर्ना तुम्हारी कुर्सी के साथ तुमको सडक पर फेंक देता "..... नानानानानाना गलत फहमी मत पालियेगा वैसे तो ये बडे ही दयालु और नेक हैं लेकिन क्या करें ... कभी कभी हम जैसों की संगत लग जाती है .... बस शुरू हो जाते हैं ।
अब इनकी एक कठोर सच्चाई बताता हूँ . ... ये मार्केट के साथ केवल इसलिये लड रहे हैं क्योंकि ये जनहित का मामला है .. यानि लोगों की भलाई के लिये इन्होने अपने हर स्वार्थ को किनारे कर दिये हैं । अब मैं अपने दिल की बात कहता हूँ ... मैं इस शख्स के बगैर कुछ नही सकता था ।.... वैसे हमारी तिकडी प्रसिद्ध हो रही है .... (अब आप पुछेंगे तीसरा कौन ..... यह तो सस्पेंस है भाई अगले पन्ने का )